इंदौर। शिव महापुराण कथा के मर्मज्ञ पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा है कि जहां विश्वास होता है वहीं भक्ति का निवास होता है । जब हम सूरज के ढलने पर लाइट जलाते हैं तो जीवन जब ढलने लगे तो भक्ति कर लेना चाहिए । देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा हर व्यक्ति को भगवान शिव की भक्ति का संदेश देती है ।
पंडित मिश्रा आज यहां दलालबाग के विशाल परिसर में श्रद्धालुओं को तीसरे दिन श्री शिव महापुराण कथा का श्रवण करा रहे थे । कथा के प्रारंभ में विधायक संजय शुक्ला के परिवार के सदस्यों के द्वारा व्यासपीठ का पूजन किया गया । कथा में आज भी भक्तजनों का भारी सैलाब उमड़ा । जिसके चलते हुए कथा स्थल के बाहर की सड़कें भी श्रद्धालुओ से पट गई ।
Indore : पंडित प्रदीप मिश्राजी को “सारस्वत सम्मान”।
पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण की कथा अविरल भक्ति और मुक्ति की कथा है । जो लोग सड़क पर बैठे हैं, वह वहां बैठे हुए ही इस कथा का लाभ लें । जहां विश्वास होता है वहीं भक्ति का निवास होता है । रामचरितमानस में तुलसीदास जी ने भी कहा है कि शिवजी ही विश्वास का प्रतीक है । विश्वास के बगैर भक्ति को पाना असंभव है । विश्वास की प्रबलता से भक्ति का संचार होता है । भक्ति ही शिव और शक्ति का दर्शन कराती है । जब सूरज ढलता है तो हम अपने घर की लाइट चालू कर लेते हैं ताकि प्रकाश बना रहे । उसी तरह से जब जीवन ढलने लगे तो उसके पहले हमें भक्ति का बल बढा लेना चाहिए । भजन करना चालू कर देना चाहिए तभी जीवन सार्थक होगा ।
उन्होंने कहा कि जब भक्ति का बल बढ़ता है तो जीवन में सुख का बल बढ़ जाता है । जीवन में सबसे बड़ा आश्रम गृहस्थाश्रम है । हम घर छोड़कर कहीं भी चले जाएं तो भजन नहीं होगा । यहां पर बहुत सारे भक्तगण सड़क पर बिना कुछ बिछाए बैठे हुए हैं । यह शिव भक्ति है । भक्ति अविरल होना चाहिए । हमें शिव तत्व को जानने की जिज्ञासा होना चाहिए । जब तक अविरल भक्ति नहीं होगी तब तक जीवन का सुख नहीं मिलेगा । भक्ति के लिए ज्ञानी, तपस्वी, संत बनने की जरूरत नहीं है, केवल शिव का भक्त बनो । जब तक सांस चले तब तक शिव का नाम लो । सांस में शिव समाया हुआ है । जिस दिन सांस चलना बंद हो गई उस दिन शरीर शव हो जाता है । जब परिवार में कोई समस्या आती है तो हम सरकारी कार्यालय में जाकर जमीन का पुराना रिकॉर्ड निकलवाते हैं लेकिन जब मन में समस्या आए तो भक्ति की पुराण निकलवाई जाती है ।
उन्होंने कहा कि इंदौर देवी अहिल्या की नगरी है । देवी अहिल्या बाई होलकर एकमात्र ऐसी माता है जो कि हमेशा शिव भक्ति की प्रेरणा देती हैं । उनकी प्रतिमा जहां भी मिलेगी वहां आपको उनके हाथों में भगवान शिव मिलेंगे । वह हमेशा यह संदेश दे रही हैं यदि हम शिव को जीवन में लेकर चलेंगे तो भटकेंगे नहीं ।